You are here: Home Most Popular Poetry/शायरी खुदा तुम्हारा तो खुदा अपना भी तो है यारो - डा.अनिल चडड़ा

cgspice.com

खुदा तुम्हारा तो खुदा अपना भी तो है यारो - डा.अनिल चडड़ा

E-mail Print
User Rating: / 1
PoorBest 

खुदा तुम्हारा तो खुदा अपना भी तो है यारो,

खुदा के वास्ते, खुदा का नाम तो न बिगाड़ो!

मज़हबी जुनून जीने के लिये अच्छा नहीं है,

आपसी लड़ाई में खुदा को गर्द में न उतारो !

नहीं मालूम कहाँ से आये, कहाँ चले जायेंगें,

कम से कम जहाँ में कोई जिंदगी तो सवारो!

अपना घर बसे या उजड़े, खुदा की मर्जी है,

किसी का घर तुम बेवजह तो न उजाड़ो !

सोच अपनी-अपनी, कर्म भी अपने-अपने,

अपनी-अपनी जिंदगी को चैन से गुजारो !

More Popular Articles


 

Add comment


Security code
Refresh

Astrology - ज्‍योतिष

Marriage life and Astrology - ज्योतिष और वैवाहिक सुख

Marriage life and Astrology - ज्योतिष और वैवाहिक सुख

विवाह समाज द्वारा स्थापित एक प्राचीनतम परम्परा है जिसका उद्देश्य काम -संबंधों को मर्यादित करके सृष्टि की रचना में सहयोग ...
More on Astrology - ज्‍योतिष

Poetry/शायरी

मेरे तन्हा से आलम में, जो रंग भरे वो यार कहां

मेरे तन्हा से आलम में, जो रंग भरे वो यार कहां

उन की आंखों से जख्मों से, जो भर दे वो अक्सीर कहां? मेरे लावारिस अश्कों को, जो थामे वो मनमीत कहां? मेरे अंधियारे आंगन में, जो ...
More on Poetry/शायरी

Beauty & Style

Marriage & Relationship